बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन हाल ही में अपने एक नए विज्ञापन (Advertisement) को लेकर सोशल मीडिया और मीडिया गलियारों में जबरदस्त चर्चा में आ गई हैं। इस विज्ञापन में कृति सेनन के परिधान और रक्षाबंधन के त्योहार को दिखाए जाने के तरीके को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां एक तरफ कृति के फैंस और मॉडर्न सोच रखने वाले लोग इसे ब्रांड की एक नई और लीक से हटकर मार्केटिंग रणनीति मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय परंपराओं और संस्कृति को महत्व देने वाले लोग इस पर अपनी गहरी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। इस पूरे विवाद में सबसे तीखी और बेबाक प्रतिक्रिया बॉलीवुड की पंगा क्वीन यानी अभिनेत्री कंगना रनौत की ओर से आई है।
कंगना रनौत, जो अक्सर सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मुद्दों पर बिना झिझक अपनी बात रखने के लिए जानी जाती हैं, ने इस एड की कड़ी निंदा की है। कंगना ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकालते हुए इस विज्ञापन को “घिनौना” और भारतीय त्योहारों के पवित्र भाव का मजाक उड़ाने वाला करार दिया है। कंगना के इस बयान के बाद इंटरनेट पर एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या आधुनिक विज्ञापन के नाम पर भारतीय रीति-रिवाजों और पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा को ताक पर रखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, हाल ही में कृति सेनन एक पॉपुलर लाइफस्टाइल और फैशन ब्रांड के नए प्रमोशनल कैंपेन में नजर आईं। इस विज्ञापन का मुख्य विषय ‘रक्षाबंधन’ का त्योहार था। वीडियो में दिखाया गया है कि कृति सेनन बिकिनी/स्विमवियर जैसे वेस्टर्न आउटफ़िट में नज़र आ रही हैं और इसी लुक में वे अपने भाई को राखी बांधती हुई दिखाई देती हैं। ब्रांड का उद्देश्य शायद रक्षाबंधन को एक कूल, कैजुअल और आधुनिक नजरिए से पेश करना था, जहां कपड़ों से ज्यादा ध्यान भाई-बहन के बॉन्ड पर केंद्रित किया गया।
हालांकि, जैसे ही यह विज्ञापन टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर स्ट्रीम हुआ, दर्शकों के एक बड़े वर्ग ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई यूज़र्स का मानना था कि रक्षाबंधन एक पारंपरिक और पवित्र पारिवारिक त्योहार है, और इसमें इस तरह के अनुचित या अत्यधिक ग्लैमरस परिधानों का इस्तेमाल त्योहार की गरिमा और गरिमामयी भावना के अनुकूल नहीं है।

कंगना रनौत का करारा हमला: “यह फैशन नहीं, संस्कृति का अनादर है”
इस विज्ञापन पर प्रतिक्रिया देने में कंगना रनौत सबसे आगे रहीं। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट शेयर करते हुए कंगना ने कृति सेनन और संबंधित ब्रांड दोनों को आड़े हाथों लिया। कंगना ने लिखा कि भारतीय त्योहारों का अपना एक विशेष महत्व, पवित्रता और सौंदर्यशास्त्र (Aesthetics) होता है।
कंगना ने अपनी पोस्ट में कहा:
“रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, सुरक्षा और आपसी सम्मान का प्रतीक है। वेस्टर्न कॉर्पोरेट कल्चर और तथाकथित ‘प्रोग्रेसिव’ सोच के नाम पर हमारे पावन त्योहारों का इस तरह से बाज़ारीकरण और अश्लीलता से जुड़ाव बेहद घिनौना है। बिकिनी पहनकर पूजा की थाली सजाना और भाई को राखी बांधना कोई आधुनिकता नहीं, बल्कि विशुद्ध रूप से भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों का अनादर है।”
कंगना के इस बयान ने सोशल मीडिया पर आग की तरह काम किया। देखते ही देखते कंगना का यह पोस्ट वायरल हो गया और लोगों ने इस पर अपनी-अपनी राय देनी शुरू कर दी।
सोशल मीडिया पर दो धड़ों में बंटा इंटरनेट
कंगना रनौत के बयान के बाद नेटिजन्स दो स्पष्ट गुटों में बंट गए हैं:
- परंपरावादियों का समर्थन: एक बड़ा वर्ग कंगना रनौत की बात से पूरी तरह सहमत नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि विज्ञापन एजेंसियों को किसी भी त्योहार का चित्रण करते समय जनभावनाओं और धार्मिक-सांस्कृतिक मर्यादाओं का ध्यान रखना चाहिए। यूज़र्स का तर्क है कि हर कपड़े का एक सही समय और स्थान होता है—जो कपड़ा बीच (Beach) या पूल साइड के लिए सही है, उसे पारिवारिक पूजा-पाठ के त्योहार से जोड़ना समझ से परे है।
- कृति और ब्रांड का बचाव: दूसरी ओर, कृति सेनन के प्रशंसकों और लिबरल वर्ग का मानना है कि इस विज्ञापन को इतने संकीर्ण नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, कपड़ा किसी व्यक्ति की अपनी पसंद हो सकता है और भाई-बहन के बीच का प्यार और सुरक्षा का वादा कपड़ों का मोहताज नहीं होता। इस वर्ग का तर्क है कि विज्ञापन का मुख्य संदेश रिश्तों में सहजता को दर्शाना था, न कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना।
त्योहारों के विज्ञापनों पर पहले भी हो चुके हैं विवाद
यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय त्योहार को लेकर बने विज्ञापन पर इस तरह का बवाल खड़ा हुआ है। इससे पहले भी कई नामचीन ब्रांड्स अपने फेस्टिव कैंपेन के कारण विवादों में घिर चुके हैं:
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