भारतीय बुलियन मार्केट में लंबे समय से जारी रिकॉर्डतोड़ तेजी के बाद अब जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। कीमती धातुओं के आसमान छूते दामों पर लगाम लगी है और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड स्तर से भारी गिरावट दर्ज की गई है। ऑल-टाइम हाई से चांदी के दाम लगभग ₹1.78 लाख प्रति किलोग्राम तक नीचे आ चुके हैं। वहीं, सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव के बीच नरमी का दौर देखा जा रहा है।
सराफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में आई इस गिरावट से जहां आम खरीदारों और आगामी त्योहारी सीजन की खरीदारी करने वालों ने राहत की सांस ली है, वहीं ऊंचे स्तरों पर खरीदारी करने वाले निवेशकों में चिंता की स्थिति है।
ऑल-टाइम हाई से चांदी में ऐतिहासिक गिरावट
चालू वित्त वर्ष के दौरान चांदी ने वायदा बाजार (MCX) में तेजी का नया इतिहास रचा था, जहां यह ₹4 लाख प्रति किलोग्राम के ऑल-टाइम हाई स्तर के पार निकल गई थी। इसके बाद लगातार वैश्विक दबाव, मुनाफावसूली और कमजोर मांग के कारण चांदी की कीमतों में क्रैश की स्थिति बनी।
हालिया कारोबारी सत्रों में चांदी गिरकर ₹2.40 लाख से ₹2.44 लाख प्रति किलोग्राम के दायरे में कारोबार कर रही है। अपने उच्चतम स्तर की तुलना में प्रति किलो चांदी पर ₹1.78 लाख से अधिक की कमी आ चुकी है।
| मेटल (कीमती धातु) | ऑल-टाइम हाई (Peak Rate) | वर्तमान भाव (लगभग) | रिकॉर्ड हाई से कुल गिरावट |
| चांदी (Silver – 1 Kg) | ₹4,20,048 | ₹2,42,000 – ₹2,44,000 | ~₹1.78 लाख कम |
| सोना (Gold – 10 Gram 24K) | ₹1,93,000+ | ₹1,54,000 – ₹1,63,000 | ~₹30,000 – ₹38,000 कम |
सोने के तेवर भी पड़े नरम
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों पर भी बिकवाली का दबाव देखा गया है। 24 कैरेट सोने का भाव जो अपने उच्चतम स्तर पर ₹1.93 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था, वह भी अपने रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे फिसलकर ट्रेड कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू सराफा संघ के आंकड़ों के अनुसार, बॉन्ड यील्ड में सुधार और अमेरिकी डॉलर में मजबूती के चलते सोने के ऊंचे स्तर टिक नहीं पाए, जिससे 10 ग्राम सोने में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक बुलियन मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
- भारी मुनाफावसूली (Profit Booking): रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने के बाद बड़े संस्थागत निवेशकों और ट्रेडर्स ने अपना मुनाफा भुनाना शुरू किया, जिससे सप्लाई बढ़ी और कीमतों पर दबाव बना।
- अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती: ग्लोबल मार्केट में यूएस डॉलर इंडेक्स (US Dollar Index) और बॉन्ड यील्ड मजबूत होने से सोने और चांदी की निवेश अपील कम हुई है।
- औद्योगिक मांग में सुस्ती: चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और औद्योगिक क्षेत्रों में होता है। वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाओं से औद्योगिक मांग सीमित हुई है।
- केंद्रीय बैंकों की नीतियां: अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरों और महंगाई को लेकर सख्त संकेतों के चलते निवेशकों ने कीमती धातुओं से ध्यान हटाकर सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख किया है।
निवेशकों और आम खरीदारों के लिए एक्सपर्ट टिप्स
- एकमुश्त निवेश से बचें: एक्सपर्ट्स की सलाह है कि बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए एक बार में सारा पैसा लगाने के बजाय SIP मोड (किश्तों) में खरीदारी करें।
- BIS हॉलमार्क की जांच करें: सोना या चांदी के आभूषण खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्किंग (Hallmarked Jewellery) और सही बिल सुनिश्चित करें।
- मेकिंग चार्ज पर मोलभाव: गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज की ब्रेकअप लागत मांगें और छूट के लिए बात करें।
कीमती धातुओं के मौजूदा भाव में यह गिरावट त्यौहारों से ठीक पहले खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत लेकर आई है। बाजार जानकारों का मानना है कि अल्पकालिक नरमी के बाद लॉन्ग-टर्म में कीमती धातुओं में फिर से सुधार देखने को मिल सकता है।
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