भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने स्विट्जरलैंड के लुसाने में आयोजित प्रतिष्ठित डायमंड लीग प्रतियोगिता में एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हाल ही में चोट से उबरकर मैदान पर वापसी करने वाले नीरज ने मुकाबले में 88.05 मीटर का भाला फेंककर इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (Season-Best) दर्ज किया और दूसरा स्थान हासिल किया।
यह मुकाबला बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण रहा, जहां नीरज चोपड़ा बेहद मामूली अंतर से शीर्ष स्थान हासिल करने से चूक गए। प्रतियोगिता में श्रीलंका के युवा एथलीट रुमेश थरंगा पथिरागे ने 88.14 मीटर की दूरी तय करके पहला स्थान और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच हार-जीत का अंतर महज 9 सेंटीमीटर का रहा। वहीं ग्रेनाडा के पूर्व विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स 86.69 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
लुसाने के स्टैड ओलम्पिक डी ला पोंटेस स्टेडियम में आयोजित इस स्पर्धा में दुनिया भर के दिग्गज भाला फेंक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। नीरज चोपड़ा ने प्रतियोगिता की शुरुआत 83.54 मीटर के थ्रो के साथ की, जिसने उन्हें शुरुआत से ही पदक की दौड़ में बनाए रखा। इसके बाद अपने दूसरे प्रयास में नीरज ने अपनी पूरी ताकत और तकनीक का सही समन्वय दिखाते हुए 88.05 मीटर दूर भाला फेंका। इस थ्रो ने न केवल उन्हें बढ़त दिलाई बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी जबरदस्त सुधार किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 83.72 मीटर की दूरी हासिल की। इसके बाद चौथे प्रयास में उनका थ्रो फाउल रहा और पांचवें प्रयास को उन्होंने छोड़ दिया। आखिरी यानी छठे प्रयास में नीरज ने 82.15 मीटर का थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहते हुए अपना अभियान समाप्त किया।

पीठ के निचले हिस्से (Lower Back) में खिंचाव की समस्या के बाद नीरज चोपड़ा के लिए यह प्रदर्शन काफी राहत देने वाला माना जा रहा है। इस मुकाबले से पहले इस सीजन में वे 86 मीटर के आंकड़े को पार करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। ऐसे में 88 मीटर से अधिक की दूरी तय करना उनकी मजबूत वापसी और बेहतर फिटनेस का संकेत देता है।
प्रतियोगिता के बाद अपने प्रदर्शन पर बात करते हुए नीरज ने कहा कि जब वे थ्रो कर रहे थे तो वे किसी भी तरह का मानसिक तनाव महसूस नहीं कर रहे थे। उनका मुख्य ध्यान केवल अपनी तकनीक और लय को हासिल करने पर था। उन्होंने यह भी माना कि 9 सेंटीमीटर से पहले स्थान से चूकना काफी करीब का मामला था, लेकिन वे इस बात से बेहद खुश हैं कि उनका शरीर अब पूरी तरह से साथ दे रहा है और वे पुरानी लय में वापस आ रहे हैं।
नीरज चोपड़ा के इस प्रदर्शन से उन्हें डायमंड लीग के फाइनल में पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण पॉइंट्स मिले हैं। इसके साथ ही, इस फॉर्म ने आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और एशियाई खेलों के लिए भारतीय समर्थकों की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नीरज इसी तरह बिना किसी चोट के अपनी लय बनाए रखते हैं, तो वे जल्द ही 90 मीटर के प्रतिष्ठित आंकड़े को भी पार करने में सफल होंगे।
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