मेरठ: तीन बच्चों संग महिला लापता, 8 दिन बाद भी सुराग नहीं, पति हिरासत में

जनसमाज संवाददाता, मेरठ (उत्तर प्रदेश): पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और औद्योगिक शहर मेरठ में एक बेहद परेशान करने वाली और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक मां अपने तीन मासूम बच्चों के साथ पिछले आठ दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद अब तक उनका कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल सका है। इस अप्रत्याशित गुमशुदगी के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला के पति को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

घटना का विवरण और गुमशुदगी की रात

स्थानीय सूत्रों और पुलिस से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मेरठ के एक स्थानीय मोहल्ले की रहने वाली महिला (उम्र लगभग 32 वर्ष) बीते सप्ताह अचानक अपने घर से अपने तीनों बच्चों—जिनमें एक बेटी और दो छोटे बेटे शामिल हैं—के साथ लापता हो गई। बताया जा रहा है कि जिस दिन यह घटना हुई, उस दिन घर में सब कुछ सामान्य लग रहा था। पड़ोसी और रिश्तेदार भी इस बात से अनजान हैं कि अचानक ऐसा क्या घटित हुआ कि महिला को अपने मासूम बच्चों के साथ रात के अंधेरे में या दिन के उजाले में बिना किसी को बताए जाना पड़ा।

जब देर शाम तक महिला और बच्चे घर वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने आसपास के इलाकों, रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उनकी तलाश शुरू की। हालांकि, संभावित ठिकानों पर काफी खोजबीन करने के बाद भी जब उनका कोई पता नहीं चला, तो परिवार के लोगों के पैर तले जमीन खिसक गई। आठ दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई सुराग हाथ नहीं लगा, तो मामले की सूचना औपचारिक रूप से स्थानीय पुलिस स्टेशन को दी गई।

पुलिस की जांच और पति से पूछताछ

मामला दर्ज होते ही मेरठ पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। चूंकि एक साथ चार जिंदगियों (एक महिला और तीन बच्चे) का सवाल है, इसलिए पुलिस इसे केवल एक साधारण गुमशुदगी का मामला न मानकर हर संभव कोण से जांच कर रही है। शुरुआती तफ्तीश के दौरान पुलिस को परिवार के आंतरिक कलह और व्यक्तिगत मतभेदों की जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए महिला के पति को हिरासत में ले लिया है।

फिलहाल पुलिस स्टेशन में पति से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या गायब होने से पहले पति और पत्नी के बीच कोई गंभीर विवाद या कहासुनी हुई थी। क्या महिला अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई है, या इसके पीछे कोई साजिश, अपहरण अथवा कोई अनहोनी घटना शामिल है? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पति के बयानों में कुछ विरोधाभास देखने को मिले हैं, जिनकी पुष्टि के लिए तकनीकी और मौखिक साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है।

सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस टीम का सहारा

लापता महिला और बच्चों का पता लगाने के लिए मेरठ पुलिस ने कई विशेष टीमों का गठन किया है। पुलिस की एक टीम महिला के घर के आसपास और मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि महिला किस दिशा में गई थी और क्या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी मौजूद था।

इसके अलावा, पुलिस की साइबर और सर्विलांस सेल भी पूरी तरह से सक्रिय कर दी गई है। महिला और उसके पति के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डेटा की गहराई से समीक्षा की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन या उससे ठीक पहले महिला ने किन-किन लोगों से फोन पर बात की थी। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और नजदीकी जिलों के पुलिस थानों में भी महिला और बच्चों की तस्वीरें भेजकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और घरेलू विवाद का कोण

आस-पास के पड़ोसियों और रिश्तेदारों से हुई शुरुआती बातचीत से संकेत मिलते हैं कि परिवार में पिछले कुछ समय से आर्थिक या व्यक्तिगत कारणों को लेकर तनाव चल रहा था। हालांकि, किसी ने भी यह कल्पना नहीं की थी कि यह तनाव इतना बड़ा रूप ले लेगा कि एक मां को अपने तीन छोटे-छोटे बच्चों के साथ अपना घर छोड़ना पड़ेगा।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि महिला स्वभाव से शांत थी और अपने बच्चों का बहुत ध्यान रखती थी। ऐसे में अपने तीन बच्चों को साथ लेकर अचानक गायब हो जाना कई बड़े सवाल खड़े करता है। लोग इस बात की भी आशंका जता रहे हैं कि क्या महिला किसी दबाव में थी या फिर इस पूरी घटना के पीछे कोई और मुख्य सूत्रधार है जो अभी तक पुलिस की नजरों से दूर है।

क्षेत्र में फैला डर और पुलिस पर बढ़ता दबाव

जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, परिजनों और स्थानीय लोगों का सब्र जवाब दे रहा है। आठ दिन का समय किसी भी परिवार के लिए बेहद दर्दनाक होता है, खासकर तब जब तीन छोटे बच्चों की सुरक्षा दांव पर हो। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में चिंता का माहौल है। स्थानीय नागरिकों और महिला के मायके पक्ष के लोगों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द महिला और बच्चों को सुरक्षित सशरीर बरामद करने की मांग की है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा किया है और जांच अधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। अधिकारियों का दावा है कि पुलिस के पास कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही इस पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

फिलहाल, पुलिस की अलग-अलग टीमें कई राज्यों और पड़ोसी जिलों में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य महिला और तीनों मासूम बच्चों को सकुशल ढूंढ निकालना है, ताकि किसी संभावित अप्रिय घटना से बचा जा सके। इस मामले में पुलिस आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे कर सकती है।

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