तमिलनाडु की राजनीति और सिने जगत में इन दिनों अभिनेता से राजनेता बने मुख्य मंत्री ‘थलपति’ विजय और अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद गरमाया हुआ है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सेंट जॉर्ज फोर्ट में तृषा की मौजूदगी के बाद ट्रोल्स ने उन्हें और सीएम विजय को निशाने पर लेना शुरू कर दिया। इस पूरे मामले पर अब बहुभाषी अभिनेत्री संजना गलरानी (Sanjjanaa Galrani) ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है और ट्रोल्स को करारा जवाब दिया है।
संजना गलरानी ने ट्रोल्स और आलोचकों को सीधी चुनौती देते हुए कहा, “अगर आप में हिम्मत (guts) है, तो थलपति विजय से पेशेवर रूप से बात कीजिए। उनकी शासन व्यवस्था और राजनीतिक निर्णयों पर बहस कीजिए। किसी महिला को बीच में लाकर उसे क्यों निशाना बनाया जा रहा है?”
‘काम पर उंगली उठाने के लिए कुछ नहीं मिला तो निजी जिंदगी को बनाया निशाना’
मीडिया से बात करते हुए संजना गलरानी ने कहा कि जब विरोधी किसी राजनेता को राजनीतिक या प्रशासनिक स्तर पर नहीं घेर पाते, तो वे उनके व्यक्तिगत जीवन को मुद्दा बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, “यह बेहद निराशाजनक है कि विजय के राजनीतिक रिकॉर्ड और उनकी उपलब्धियों को दरकिनार कर उनके निजी जीवन पर बात की जा रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि विरोधियों को थलपति विजय के काम में कोई खामी नजर नहीं आ रही है।”
संजना ने विजय के अब तक के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि एक मुख्यमंत्री के रूप में उनका काम बेहतरीन रहा है। उन्होंने कहा कि त्वरित फैसले लेना, सोशल मीडिया टीम द्वारा रात-भर में जनसमस्याओं का समाधान करना, सड़कों की मरम्मत और सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाना यह साबित करता है कि उनका ध्यान केवल सुशासन पर है।

‘हर महिला का सम्मान होना चाहिए’
तृषा कृष्णन के ऑनलाइन ट्रोलिंग पर दुख व्यक्त करते हुए संजना ने कहा, “किसी भी पद या कद की महिला हो, उसका सम्मान किया जाना बेहद जरूरी है। तृषा एक बेहद सफल और सम्मानित अभिनेत्री हैं, जिन्होंने अपनी पहचान खुद बनाई है। दो लोगों के बीच क्या रिश्ता है—वे दोस्त हैं, सहकर्मी हैं या कुछ और—यह उनका निजी मामला है। आप उनके रिश्तों पर फैसला सुनाने वाले कोई नहीं होते।”
संजना ने सवाल उठाया कि जब भी कोई विवाद होता है तो हमेशा महिलाओं को ही आसान शिकार क्यों बनाया जाता है? उन्होंने कहा कि राजनीतिक बहस हमेशा विचारों और नीतियों पर होनी चाहिए, न कि किसी की व्यक्तिगत जिंदगी में झांककर।
विवाद का पूरा पृष्ठभूमि
हाल ही में चेन्नई में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में तृषा कृष्णन की मौजूदगी और पहली पंक्ति में बैठने को लेकर राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी शुरू हुई थी। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर विजय और तृषा के संबंधों को लेकर तरह-तरह की अफवाहें और ट्रोल्स की टिप्पणियां देखने को मिल रही थीं। इससे पहले भी सिने उद्योग की कई हस्तियां इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियों के खिलाफ आवाज उठा चुकी हैं।
संजना गलरानी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है, जहाँ कई लोग उनके साहसी बयान का समर्थन कर रहे हैं और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की गरिमा बनाए रखने की वकालत कर रहे हैं।
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