राहुल गांधी का पीएम मोदी की ‘हग डिप्लोमेसी’ पर तंज, मेलौनी पर बयान से भड़का राजनीतिक तूफान

नई दिल्ली, 14 अगस्त 2026: देश की राजनीति में एक बार फिर बयानों का तीखा तीर चला है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और विश्व नेताओं के साथ उनके गले मिलने (“हग डिप्लोमेसी”) के अंदाज का मजाक उड़ाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। 13 और 14 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित ‘रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन’ के दौरान घटे इस वाकये में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलौनी का नाम आने के बाद यह विवाद और गहरा गया है।

मंच पर क्या हुआ: कैसे शुरू हुआ विवाद?

नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। भाषण के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की विदेश नीति को सिर्फ विदेशी नेताओं को गले लगाने तक सीमित कर दिया है।

अपनी बात को मंच पर प्रदर्शित करने के लिए राहुल गांधी ने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को मंच पर बुलाया और उन्हें जोर से गले लगाया। राहुल गांधी ने चुटकी लेते हुए कहा:

“मुझे नहीं पता कि उनके (पीएम मोदी के) दिमाग में यह विचार कहां से आया। लोगों के दिमाग में अजीब-अजीब विचार आते हैं। उन्हें लगता है कि यही विदेश नीति है।”

इसी दौरान मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने माहौल में चुहलबाजी जोड़ते हुए पूछ लिया:

“आपने मुझे मेलौनी समझकर तो नहीं पकड़ा था?”

इस पर राहुल गांधी ने हंसते हुए जवाब दिया: “मैं अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचा हूं।” हॉल में ठहाके गूंज उठे, लेकिन इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक गरियारे में बड़ा विवाद खड़ा हो गया।

भाजपा का तीखा हमला: “कब परिपक्व होंगे राहुल गांधी?”

कांग्रेस नेताओं के इस अंदाज और बयान पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने बेहद कड़ा ऐतराज जताया है। भाजपा के कई वरिष्ठ मंत्रियों और प्रवक्ताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर निम्नस्तरीय राजनीति करने का आरोप लगाया।

भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दुनिया भर के शीर्ष नेताओं के साथ आत्मीय संबंध भारत की मजबूत कूटनीति का प्रतीक है, न कि किसी मजाक का विषय।

कांग्रेस का बचाव: “राहुल गांधी ने नाम भी नहीं लिया”

विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस पार्टी अपने नेता राहुल गांधी के बचाव में उतर आई। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने टीवी चैनलों से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलौनी का नाम तक नहीं लिया था।

कांग्रेस प्रवक्ता ने तर्क दिया कि:

  1. शब्दावली: राहुल गांधी ने अपने पूरे भाषण में ‘मेलौनी’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था, यह टिप्पणी संदीप दीक्षित की तरफ से आई थी जिस पर केवल हल्का-फुल्का जवाब दिया गया।
  2. कूटनीति पर सवाल: विपक्ष का काम सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना है। लगातार विदेशी दौरों में केवल प्रतीकात्मक प्रदर्शन और आलिंगन (हग) से ठोस कूटनीतिक परिणाम नहीं आते।
  3. शिष्टाचार: उन्होंने कहा कि कई पश्चिमी देशों में व्यावसायिक या कूटनीतिक मुलाकातों में हाथ मिलाने को प्राथमिकता दी जाती है, न कि हर बार शारीरिक आलिंगन को।

विदेश नीति, चीन सीमा और RSS पर राहुल गांधी के अन्य आरोप

इस पूरे विवाद के केंद्र में विदेशी संबंधों पर हमला था, लेकिन सम्मेलन में राहुल गांधी ने अन्य गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।

  • चीन सीमा विवाद: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय सैनिकों की गश्त (पेट्रोलिंग) रोक दी है और सरकार इस बात को छिपाने की कोशिश कर रही है।
  • RSS पर हमला: राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा पर तंज कसते हुए उन्हें “जोकरों का समूह” कहा। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस अपनी मूल विचारधारा खो चुका है और अब वह केवल बड़े पूंजीपतियों और कॉर्पोरेट घरानों के हितों का साधन बन गया है।
  • संस्थानों पर कब्जा: उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लोकतांत्रिक संस्थानों और मीडिया पर दबाव बनाकर जनता की आवाज को दबाया जा रहा है।

14 अगस्त 2026 की अन्य मुख्य राष्ट्रीय सुर्खियां (Top Headlines)

राहुल-मेलौनी विवाद के साथ-साथ आज देश-दुनिया में कई अन्य बड़ी खबरें भी छाई हुई हैं:

  • संसद का मानसून सत्र व विधायी कार्य: मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक बिना विस्तृत चर्चा के पारित होने पर विपक्ष ने प्रक्रियागत सवाल उठाए हैं।
  • सोनम वांगचुक का आह्वान: लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने राजनीतिक व्यवस्था में सुधार और लद्दाख की संवैधानिक सुरक्षा के लिए ‘दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन’ जैसा माहौल बनाने की अपील की है।
  • अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कूटनीतिक हलचल: पश्चिम एशिया और ईरान युद्ध के संदर्भ में क्षेत्रीय संतुलन तथा भारत के रुख पर वैश्विक विश्लेषकों की नजर बनी हुई है।

राहुल गांधी के इस व्यंग्य और उस पर आई तीखी प्रतिक्रियाओं से साफ है कि आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़कों तक यह राजनीतिक घमासान और तेज होगा। जहां कांग्रेस इसे कूटनीतिक विफलता पर हमला बता रही है, वहीं भाजपा इसे प्रधानमंत्री पद और भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों का अपमान मानकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है।

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  • Rahul Kaushik

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    राहुल कौशिक एक युवा पत्रकार एवं मीडिया लेखक हैं, जो समसामयिक घटनाओं, तकनीक, शिक्षा, ऑटोमोबाइल, डिजिटल ट्रेंड्स और जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष एवं प्रभावशाली लेखन के लिए जाने जाते हैं। उन्हें समाचार जगत में तेजी से बदलते विषयों को सरल और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में विशेष रुचि है।

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