CCSU दीक्षांत समारोह: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया रुद्राभिषेक

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के 38वें दीक्षांत समारोह से ठीक एक दिन पहले परिसर का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय और ऊर्जावान नजर आया। विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षांत समारोह में शिरकत करने के लिए मेरठ पहुंचीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने पूरे मनोयोग और विधि-विधान के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया और प्रदेश की खुशहाली, विश्वविद्यालय की प्रगति तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

भक्ति और आस्था के साथ हुआ रुद्राभिषेक

विश्वविद्यालय परिसर में आगमन के तुरंत बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सीधे परिसर में स्थित मंदिर प्रांगण पहुंचीं। वहां पंडितों और आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। राज्यपाल ने जल, दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से महादेव का अभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने फल, फूल, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर पूरे मनोभाव से आरती उतारी।

पूजा-अर्चना के दौरान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, प्रति-कुलपति, कुलसचिव और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे। मंदिर परिसर को फूलों और दीयों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिससे पूरे वातावरण में एक आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा था। रुद्राभिषेक के पश्चात राज्यपाल ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की सराहना की।

22 जुलाई को आयोजित होगा 38वां दीक्षांत समारोह

गौरतलब है कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय का 38वां दीक्षांत समारोह मंगलवार, 22 जुलाई को आयोजित होने जा रहा है। इस समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। दीक्षांत समारोह को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पिछले कई दिनों से तैयारियों में जुटा हुआ था, जिन्हें अब अंतिम रूप दे दिया गया है।

सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) में आयोजित होने वाले इस मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उच्च शिक्षा जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी। समारोह के दौरान वर्ष 2023-24 और 24-25 के सत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक (मेडल) और उपाधियां (डिग्रियां) प्रदान की जाएंगी।

मेधावियों को मिलेंगे स्वर्ण पदक, छात्राओं का दबदबा

इस वर्ष के दीक्षांत समारोह की सबसे खास बात यह है कि हर बार की तरह इस बार भी बेटियों का प्रदर्शन शानदार रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, विभिन्न पाठ्यक्रमों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को कुलाधिपति द्वारा चांसलर गोल्ड मेडल, वाइस चांसलर गोल्ड मेडल और प्रायोजित स्वर्ण पदकों से नवाजा जाएगा।

कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने दीक्षांत समारोह की पारदर्शिता और भव्यता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। इस बार दीक्षांत समारोह में भारतीय पारंपरिक वेशभूषा को प्राथमिकता दी गई है, जिससे भारतीय संस्कृति और मूल्यों का संदेश युवाओं तक पहुंचे।

विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राज्यपाल के आगमन और दीक्षांत समारोह के मद्देनजर विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। मुख्य प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं और केवल वैध पास धारकों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय मार्ग पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। इसके अलावा, ऑडिटोरियम और मंदिर क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।

दीक्षांत समारोह का महत्व और परिसर में उत्साह

दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं होता, बल्कि यह विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम और समर्पण का उत्सव होता है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के छात्रों में इस ऐतिहासिक क्षण को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। पदक पाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावक भी इस पल के साक्षी बनने के लिए बेहद उत्सुक हैं।

राज्यपाल द्वारा दीक्षांत समारोह की पूर्व संध्या पर किए गए रुद्राभिषेक ने इस पूरे आयोजन को एक आध्यात्मिक और सकारात्मक दिशा दी है। विश्वविद्यालय परिवार को पूर्ण विश्वास है कि 22 जुलाई का यह 38वां दीक्षांत समारोह न केवल सफल रहेगा, बल्कि विश्वविद्यालय के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय भी जोड़ेगा।

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