गोविंदा का 32 साल पुराना पसंदीदा गाना, जिसने ‘खटिया तोड़’ डांस से मचाया था गदर

बॉलीवुड में जब भी डांस, कॉमेडी और बेजोड़ एक्सप्रेशन्स की बात होती है, तो सबसे पहला नाम गोविंदा का आता है। 80 और 90 के दशक में अपनी अदाकारी और एनर्जी से सिनेमाघरों में सीटी और तालियों की बौछार कराने वाले गोविंदा का हर अंदाज फैंस को अपना दीवाना बना देता था। पिछले तीन दशकों से भी अधिक समय से हिंदी सिनेमा में अपने डांस स्टाइल का परचम लहराने वाले ‘चीची’ के कई ऐसे गाने हैं जो आज भी शादियों और पार्टियों की शान बने हुए हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि गोविंदा के दर्जनों सुपरहिट गानों के बीच एक ऐसा खास और ‘चुलबुला’ गाना भी है, जो पिछले 32 सालों से उनका सबसे पसंदीदा बना हुआ है? इस गाने में उनके ‘खटिया तोड़’ डांस और कातिलाना एक्सप्रेशन्स को देखकर पूरा बॉलीवुड हैरान रह गया था।

32 साल पुराना वो गाना, जिसने बदल दी थी डांस की परिभाषा

बात 90 के दशक के उस दौर की है जब गोविंदा का नाम ही फिल्मों को हिट कराने की गारंटी माना जाता था। निर्देशक डेविड धवन और गोविंदा की जोड़ी ने मिलकर एक के बाद एक कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। इसी दौर में एक ऐसा गाना रिलीज हुआ जिसके बोल बहुत ही देसी, मजेदार और चुलबुले थे। गाने के रिलीज होते ही इसके बीट्स और हुक स्टेप्स हर जगह गूंजने लगे थे।

इस गाने की सबसे बड़ी खासियत इसका हाई-एनर्जी डांस मूव और गोविंदा का बेफिक्र अंदाज था। गानों में गोविंदा की एनर्जी इतनी जबरदस्त थी कि उस दौर के बड़े-बड़े कोरियोग्राफर्स और एक्टर्स भी हैरान रह गए थे। बिना किसी बड़े तामझाम के, केवल अपने चेहरे के हाव-भाव और पैरों की थिरकन से गोविंदा ने इस गाने को भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर कर दिया।

जब ‘खटिया तोड़’ परफॉर्मेंस से हिल गया था पूरा सिनेमा जगत

जब यह गाना बड़े पर्दे पर आया, तो दर्शक सिनेमाघरों में अपनी सीटों से उठकर नाचने लगे थे। गोविंदा के साथ इस गाने में एक्ट्रेस की केमिस्ट्री और उनकी कॉमिक टाइमिंग ने कमाल कर दिया था। गाने के सेट से लेकर कॉस्ट्यूम तक सब कुछ 90 के दशक के उस खास रंग में रंगा हुआ था, जिसे दर्शक आज भी मिस करते हैं।

इस गाने के लोकप्रिय स्टेप्स को ‘खटिया तोड़’ डांस का नाम दिया गया था। उस जमाने में वेस्टर्न डांस स्टाइल और क्लासिकल डांस का बोलबाला हुआ करता था, लेकिन गोविंदा ने अपनी देसी और बिंदास स्टाइल से यह साबित कर दिया कि असली मनोरंजन वही है जो सीधे जनता के दिल को छू ले। इस परफॉर्मेंस ने न केवल दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया, बल्कि बॉलीवुड के अन्य अभिनेताओं के सामने भी डांस का एक नया बेंचमार्क सेट कर दिया।

आज भी क्यों खास है गोविंदा के लिए यह गाना?

गोविंदा ने कई इंटरव्यूज में इस बात का जिक्र किया है कि उन्होंने अपने करियर में सैकड़ों गानों पर डांस किया है, लेकिन इस खास ‘चुलबुले’ गाने से उनका जुड़ाव बेहद अलग है। उनके मुताबिक, इस गाने की शूटिंग के दौरान माहौल बेहद खुशनुमा था और उन्हें अपने हिसाब से डांस स्टेप्स में सुधार करने की आजादी मिली थी।

गोविंदा के कई आइकॉनिक स्टेप्स बिना किसी रिहर्सल के ऑन-द-स्पॉट बनाए गए थे। यही वजह है कि 32 साल बीत जाने के बाद भी यह गाना उनके दिल के सबसे करीब है। जब भी उनसे उनके फेवरेट ट्रैक के बारे में पूछा जाता है, तो उनके चेहरे पर वही पुरानी 90 के दशक वाली मुस्कान आ जाती है और वे इस गाने की यादें साझा करने लगते हैं।

90 के दशक का वो दौर और गोविंदा का जादुई स्टारडम

90 का दशक भारतीय हिंदी सिनेमा का वो स्वर्णिम काल था जहां गानों के बोल और धुन लोगों की जुबान पर तुरंत चढ़ जाते थे। अलका याग्निक, उदित नारायण और कुमार सानू जैसी आवाजों के साथ गोविंदा के डांस का संगम किसी जादू से कम नहीं होता था।

गोविंदा ने ‘कुली नंबर 1’, ‘राजा बाबू’, ‘हीरो नंबर 1’, ‘दुल्हे राजा’ और ‘साजन चले ससुराल’ जैसी कई यादगार फिल्में दीं। इन सभी फिल्मों के गाने आज भी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया रील्स पर ट्रेंड करते रहते हैं। नए दौर के यंगस्टर्स और डांस इंफ्लुएंसर्स भी गोविंदा के 32 साल पुराने इस ‘खटिया तोड़’ डांस स्टेप्स को रीक्रिएट करते नजर आते हैं, जो यह साबित करता है कि गोविंदा का जादू कभी पुराना नहीं हो सकता।

आज की जनरेशन के लिए प्रेरणा हैं ‘चीची’

आज बॉलीवुड में कई बेहतरीन डांसर्स हैं, लेकिन गोविंदा का जो ‘ओरिजिनल’ अंदाज है, उसकी बराबरी कर पाना लगभग असंभव माना जाता है। उनके चेहरे के एक्सप्रेशन्स, टाइमिंग और डांस में दिखने वाली सहजता उन्हें बाकी सब से अलग बनाती है। 32 साल पहले रिलीज हुए इस चुलबुले गाने की लोकप्रियता आज भी इस बात का सबूत है कि सच्चा टैलेंट कभी वक्त के साथ धुंधला नहीं पड़ता।

गोविंदा का यह सफर और उनका यह पसंदीदा गाना न केवल उनके फैंस के लिए एक खूबसूरत याद है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों के लिए भी मनोरंजन की एक बेहतरीन सीख है।

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  • Rashika Sharma

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