बॉलीवुड के 90 के दशक के संगीत का जिक्र जब भी होता है, तो ‘मेलोडी किंग’ कुमार सानू और उदित नारायण का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। इन दोनों दिग्गज गायकों ने अपनी जादुई आवाजों से न केवल एक पूरे दौर को संवारा, बल्कि करोड़ों दिलों पर राज भी किया। चार दशकों से अधिक लंबे करियर में दोनों ने अनगिनत ब्लॉकबस्टर गाने दिए हैं और आज भी उनकी फैन फॉलोइंग में कोई कमी नहीं आई है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान कुमार सानू ने अपनी इस विशाल फैन फॉलोइंग, खासकर महिला प्रशंसकों (Female Fans) के प्यार पर दिल खोलकर बात की। बातचीत के दौरान उनका चिर-परिचित मजाकिया अंदाज भी देखने को मिला, जब उन्होंने फीमेल फैंस के प्रति अपनी वफादारी का जिक्र करते हुए अपने करीबी दोस्त और साथी गायक उदित नारायण पर एक हल्का-फुल्का और मजेदार तंज कस दिया।
कुमार सानू से जब पूछा गया कि 90 के दशक में, जब सोशल मीडिया नहीं था, तब भी महिला प्रशंसक उनके लिए दीवानी थीं, तो वे इस तरह के फैन क्रेज को कैसे संभालते थे? इस पर सानू दा ने मुस्कराते हुए कहा कि फैंस का प्यार किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ी दौलत होता है। उन्हें महिला प्रशंसकों से हमेशा बहुत सम्मान और स्नेह मिला है, लेकिन उन्होंने हमेशा एक मर्यादा बनाए रखी। मजाकिया लहजे में उन्होंने आगे कहा, “मुझे फीमेल फैंस से बहुत प्यार मिला, चिट्ठियां आती थीं, लोग मिलने आते थे, लेकिन मैंने कभी अपनी सीमा नहीं लांगी। मैंने कभी किसी फैन को किस (Kiss) नहीं किया।”
इसके तुरंत बाद कुमार सानू ने अपने समकालीन और प्रिय मित्र उदित नारायण का नाम लेते हुए माहौल को और हल्का कर दिया। उन्होंने हंसते हुए कहा, “यह काम तो उदित नारायण का है! उदित जी का मिजाज थोड़ा अलग है, वो फैंस से अपने ही अंदाज में मिलते हैं और प्यार जताते हैं।” कुमार सानू का यह तंज पूरी तरह से दो दोस्तों के बीच की चुहलबाजी और मजाक का हिस्सा था। बॉलीवुड संगीत जगत में कुमार सानू और उदित नारायण की दोस्ती और उनकी नोक-झोंक हमेशा से ही चर्चा का विषय रही है। दोनों भले ही मंच पर एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी रहे हों, लेकिन असल जिंदगी में दोनों एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते हैं और अक्सर एक-दूसरे की टांग खींचते नजर आते हैं।

90 के दशक में कुमार सानू और उदित नारायण के बीच की प्रतिद्वंद्विता (Rivalry) भारतीय संगीत इतिहास के सबसे खूबसूरत दौर में से एक मानी जाती है। एक तरफ जहां कुमार सानू ने लगातार पांच बार सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का फिल्मफेयर पुरस्कार जीतकर एक रिकॉर्ड कायम किया था, वहीं उदित नारायण अपनी अनूठी, मिठास भरी और चुलबुली आवाज के लिए जाने जाते थे। नदीम-श्रवण, जतिन-ललित और अनु मलिक जैसे महान संगीतकारों के लिए दोनों ही गायक पहली पसंद हुआ करते थे। आमिर खान, शाहरुख खान, सलमान खान और अक्षय कुमार जैसे उस दौर के शीर्ष अभिनेताओं की आवाज बनकर दोनों ने भारतीय सिनेमा को ‘आशिकी’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘राजा हिंदुस्तानी’, ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘साजन’ जैसी कालजयी फिल्में दीं।
साक्षात्कार के दौरान कुमार सानू ने आज के दौर के संगीत और फैंस के साथ जुड़ाव के तरीके पर भी अपने विचार साझा किए। उनका मानना है कि आज सोशल मीडिया के दौर में फैंस और सेलिब्रिटी के बीच की दूरी जरूर खत्म हो गई है, लेकिन 90 के दशक में जो दीवानगी थी, उसका अहसास ही कुछ अलग था। उस दौर में फैंस अपने पसंदीदा गायक को खून से खत लिखा करते थे, उनकी तस्वीरों को संभालकर रखते थे और उनके नए कैसेट का महीनों इंतजार करते थे। कुमार सानू के अनुसार, उस दौर का प्यार बहुत निष्छल और गहरा था।
उदित नारायण पर किए गए इस मजेदार कमेंट के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। दोनों के फैंस इस दोस्ताना नोक-झोंक का आनंद ले रहे हैं। जहां कुछ लोग कुमार सानू की सादगी और उनके मजाकिया स्वभाव की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग उदित नारायण के रंगीन और हंसमुख अंदाज को याद कर रहे हैं। संगीत प्रेमियों का कहना है कि 90 के दशक के इन दिग्गजों का यही दोस्ताना अंदाज उन्हें आज भी लोगों के दिलों के करीब बनाए रखता है।
इस इंटरव्यू में कुमार सानू का यह बयान सिर्फ एक मजेदार टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह उस दौर के कलाकारों के आपसी संबंध और उनकी आत्मीयता को भी दर्शाता है। आज के समय में जहां कलाकारों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा और व्यावसायिक तनाव देखने को मिलता है, वहीं कुमार सानू और उदित नारायण जैसी जोड़ियां यह साबित करती हैं कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बीच भी गहरी दोस्ती और हंसी-मजाक की जगह हमेशा कायम रह सकती है। कुमार सानू आज भी देश-विदेश में लाइव कंसर्ट्स के जरिए अपने प्रशंसकों को अपनी जादुई आवाज से मंत्रमुग्ध कर रहे हैं, और उनका यह चुटीला अंदाज फैंस को बेहद पसंद आ रहा है।
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