कुरुक्षेत्र (हरियाणा): धर्मनगरी कुरुक्षेत्र स्थित प्रतिष्ठित ‘प्रेरणा शोध संस्थान’ के प्रांगण में एक गरिमामय साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष समारोह में सुप्रसिद्ध शिक्षिका, शोधकर्ता और साहित्यकार डॉ. अंजना गर्ग द्वारा रचित नवीन पुस्तक का विधिवत विमोचन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य और समाजसेवा क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की और डॉ. गर्ग की इस नई कृति की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुई। इसके पश्चात संस्थान के पदाधिकारियों एवं मुख्य अतिथियों द्वारा डॉ. अंजना गर्ग की पुस्तक का अनावरण किया गया। मंच पर उपस्थित विद्वानों ने अपने संबोधन में पुस्तक के मुख्य विषयों, उसकी प्रासंगिकता और समाज पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंजना गर्ग का यह नया साहित्यिक प्रयास न केवल पाठकों के दृष्टिकोण को समृद्ध करेगा, बल्कि शोधार्थियों के लिए भी एक मार्गदर्शन के रूप में काम करेगा। उनकी लेखन शैली में गहराई, सरलता और जन-सरोकार का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है। प्रेरणा शोध संस्थान सदैव ऐसे उत्कृष्ट और ज्ञानवर्धक साहित्य को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है, और यह पुस्तक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अपनी पुस्तक के विमोचन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. अंजना गर्ग ने उपस्थित अतिथियों और पाठकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुस्तक के लेखन की पूरी यात्रा, अपनी प्रेरणा और इसके पीछे के उद्देश्यों को विस्तार से साझा किया। डॉ. गर्ग ने बताया कि इस पुस्तक को तैयार करने में वर्षों का शोध और अनुभव शामिल है, और उन्हें विश्वास है कि यह कृति हर वर्ग के पाठक को पसंद आएगी तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी।
इस अवसर पर प्रेरणा शोध संस्थान के वरिष्ठ सदस्य, स्थानीय साहित्यकार, प्राध्यापक और कई प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संस्थान द्वारा सभी आमंत्रित अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ इस सफल साहित्यिक संध्या का समापन हुआ।
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