भारतीय शेयर बाजार में टाटा समूह की फ्लैगशिप रिटेल कंपनी टाइटन कंपनी लिमिटेड (Titan Company Ltd) के शेयरों ने सोमवार को नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। पिछले लगभग दो सालों तक सीमित दायरे और सुस्त रफ्तार में कारोबार करने के बाद, टाइटन के शेयर एक बार फिर निवेशकों के सबसे पसंदीदा दांव बनकर उभरे हैं। कारोबारी सत्र के दौरान टाइटन का शेयर ₹5,121.30 प्रति शेयर के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर (All-Time High) को छू गया। इस शानदार तेजी के साथ ही कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Cap) ₹4.5 लाख करोड़ के पार निकल गया है।
मौजूदा वित्त वर्ष के बीते 7 महीनों में टाइटन की मार्केट वैल्यू में लगभग ₹80,000 करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, असंगठित ज्वेलरी बाजार से संगठित रिटेल चेन्स की ओर ग्राहकों का तेजी से बदलाव, सोने की कीमतों में स्थिरता और कंपनी के मजबूत तिमाही वित्तीय नतीजे इस रिकॉर्ड तेजी के प्रमुख कारण हैं।
टाइटन और ‘बिग बुल’ राकेश झुनझुनवाला का ऐतिहासिक संबंध
दलाल स्ट्रीट पर जब भी टाइटन का जिक्र होता है, तो भारत के दिग्गज दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला का नाम सबसे पहले आता है। राकेश झुनझुनवाला को भारतीय शेयर बाजार का ‘बिग बुल’ बनाने में सबसे अहम योगदान टाइटन के शेयर का ही रहा है।
- शुरुआती दौर का निवेश: झुनझुनवाला ने 2002-03 के दौर में टाइटन के शेयरों में महज ₹3 से ₹5 प्रति शेयर के औसत भाव पर दांव लगाया था।
- लंबी अवधि का भरोसा: जब बाजार में कई लोग इस रिटेल ब्रांड के भविष्य पर संशय जता रहे थे, तब उन्होंने टाटा के इस ब्रांड पर अटूट विश्वास दिखाया और अपनी हिस्सेदारी बनाए रखी।
- अथाह संपत्ति का निर्माण: समय के साथ टाइटन मल्टीबैगर साबित हुआ और इसने झुनझुनवाला परिवार के पोर्टफोलियो को हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति में बदल दिया। आज भी रेखा झुनझुनवाला और उनके परिवार की टाइटन में 5% से अधिक की बड़ी हिस्सेदारी है।
शेयरों में तेजी के 4 मुख्य कारण
- तिमाही नतीजों में बंपर मुनाफा: जून तिमाही (Q1) में टाइटन का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) सालाना आधार पर 63% बढ़कर ₹1,777 करोड़ रहा, जिसने दलाल स्ट्रीट के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया।
- तनिष्क और कैरेटलेन का शानदार प्रदर्शन: कंपनी के प्रमुख ज्वेलरी ब्रांड ‘तनिष्क’ (Tanishq) और डिजिटल-फर्स्ट ज्वेलरी ब्रांड ‘कैरेटलेन’ (CaratLane) ने संगठित बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बरकरार रखी है।
- सोने के भावों में स्थिरता: अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में आई सापेक्ष स्थिरता ने उपभोक्ताओं के विश्वास को बढ़ाया, जिससे स्टोर्स में खरीदारों की आवाजाही बढ़ी।
- एक्सचेंज प्रोग्राम की सफलता: पुराने गहनों के बदले नए गहने खरीदने की टाइटन की एक्सचेंज स्कीमों ने असंगठित क्षेत्र के ग्राहकों को भी टाटा के रिटेल नेटवर्क से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई।
ब्रोकरेज हाउसेस का नज़रिया और आगे का टारगेट
दिग्गज घरेलू एवं वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों ने टाइटन के इस प्रदर्शन के बाद स्टॉक पर अपनी तेजी (Bullish) की राय बरकरार रखी है। मोतीलाल ओसवाल जैसी प्रमुख वित्तीय विश्लेषक संस्थाओं ने टाइटन के लिए ‘बाय’ (Buy) रेटिंग कायम रखते हुए ₹6,000 प्रति शेयर तक का टारगेट प्राइस दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि आगामी त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में कंपनी की बिक्री और मार्जिन में और सुधार देखने को मिल सकता है।
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